संदेश

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तरस सा गया हूँ मै उनके दीदार के लिए , मचल सा गया हूँ मै, उसके खुमार के लिए कैसे कहू  की में अब मै नही , जिन्दा हूँ बस उस एहसास के लिए |
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जब भी कभी मे ,     खुद से मिला हूँ , बेखबर कदमों के संग              दूर तलक चला हूँ |